Friday, 29 November 2019

सिद्ध चतुर्बीज योग - वात और कफ़ रोगों में कारगर-अजीर्ण या अपच , पेटदर्द , पसलियों में दर्द ,आफरा , गैस तथा कमर दर्द, थाइरायड, कोलेस्ट्रॉल, खून की अशुद्धि , मोटापा के लिए बहुत अधिक लाभदायक है l




    चतुर्बीज - वात और कफ़ रोगों में कारगर

आचार्य भावप्रकाश ने चार प्रकार के बीजों को चतुर्बीज में शामिल किया है तथा इस मिश्रण के निम्नलिखित गुणकर्म बताये हैं l

कफ़ और वातरोग के लिए -चतुर्बीज
मेथी – Trigonella foenum 
चन्द्र शूर – Lepidium sativum 
यवानी – Trachyspermum ammi
कलुंजी या कालाजाजी – Nigella sativa


मेथी , चंद्रसूर, कलुंजी, और अजवायन  इन चारों को बराबर मात्रा में मिलकर पाउडर या चूर्ण बनालें l

यह चूर्ण अजीर्ण या अपच  , पेटदर्द , पसलियों में दर्द ,आफरा , गैस तथा कमर दर्द, थाइरायड, कोलेस्ट्रॉल, खून की अशुद्धि , मोटापा के लिए बहुत  अधिक लाभदायक है l

यह चूर्ण 3 gm या एक छोटी चमच गर्म पानी के साथ रोज दिन में दो बार लेना चाहिए l

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सिद्ध कफ़ नाशक योग--- मात्र 2 खुराक ही खाँसी, नजला, जुकाम, सुखी खाँसी, नाक बहना, सिर भारी रहना आदि को बिल्कुल करेगी जड़ से खत्म।



             खाँसी जुकाम के लिए
           सिद्ध कफ़ नाशक योग
मात्र 2 खुराक ही खाँसी, नजला, जुकाम, सुखी खाँसी, नाक बहना, सिर भारी रहना आदि को बिल्कुल करेगी जड़ से खत्म।

अपामार्ग भस्म-   100 ग्राम 
काला बांसा भस्म 100 ग्राम
हिंग भुनी            100 ग्राम
सुहागा भुना        100 ग्राम
लाल भस्म          100 ग्राम

सभी को मिलाकर 1ग्राम दवा 1चम्मच शहद के साथ करे इस्तेमाल।
                    🐘🚩🐘

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Tuesday, 26 November 2019

सिद्ध त्रिफला गुगुल चूर्ण



        
           त्रिफला गुगुल के होते हैं 
                 अनन्त फ़ायदे

             त्रिफला गुग्गुल क्या है?
त्रि का अर्थ है तीन और फला का अर्थ है फल| त्रिफला में तीन फलों के सत्त का मिश्रण पाउडर के रूप में होता है:
आँवला +बहेड़ा +हरड़= 1:2:3

गुग्गुल दो आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से बना एक प्रकार का राल है। यह गुर्दे की पथरी  और मूत्र पथ के संक्रमण पर सबसे अच्छा काम करता है।

त्रिफला चूर्ण और गुगुल को मिलाकर त्रिफला गुगुल बनाया जाता है जिसे त्रिफला गुगुल कहा जाता है।

 त्रिफला गुग्गुल में पांच अलग-अलग तरह के स्वाद पाए जाते हैं: खट्टा, मीठा, कड़वा, नमकीन और तीखा

सिद्ध त्रिफला गुग्गुल के पौष्टिक गुण
प्राकृतिक रेचक
एंटी-ऑक्सीडेंट
एंटी इंफ्लेमेटरी
एंटी बैक्टीरियल
एंटी वायरल
हीमोग्लोबिन बढाने वाला
कैंसर से लड़ने के गुण
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 त्रिफला गुगुल के फ़ायदे

➡️ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखे
➡️ त्रिफला गुग्गुल(Triphala Guggul) कोशिकाओं में खून के प्रवाह को बढ़ा देता है। इससे आपकी धमनियों में एलडीएल (कम डेंसिटी लिपोप्रोटीन) का स्तर कम हो जाता है। 
➡️  त्रिफला गुग्गुल का सेवन खून में शुगर के स्तर को कम कर देता है और किसी भी व्यक्ति की लिपिड प्रोफ़ाइल को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
🌹🌲🌹
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखे

त्रिफला गुग्गुल(Triphala Guggul) एक प्राकृतिक रेचक है और यह आँतों की गतिविधि को नियंत्रित करता है। रात में सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला गुग्गुल का पानी के साथ सेवन करने से पेट फूलना, सूजन और दस्त जैसी पाचन समस्याओं को कम कर देता है।
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प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना

त्रिफला गुग्गुल(Triphala Guggul) शरीर की अशुद्धियों को दूर करता है और खून के बहाव में सुधार करता है। इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक विटामिन और खनिज मौजूद हैं|
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सूजन को कम करे

त्रिफला गुग्गुल(Triphala Guggul) शरीर की प्रतिरक्षा को बढ़ाकर शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व देता है। सोने से पहले इसकी हलकी सी मात्रा लेने से भी यह शरीर में सूजन को कम कर देता है। 1 बड़ा चम्मच त्रिफला गुग्गुल पानी के साथ लेने से यह चमत्कारी प्रभाव दिखता है|
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जोड़ों के दर्द से राहत दिलाये

त्रिफला में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया, संधि-शोथ और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता हैं। यह शरीर से यूरिक एसिड के कारण होने वाली सूजन को भी हटा देता है।
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वजन घटाने में सहायक

त्रिफला गुगुल(Triphala Guggul) कोलेसिस्टोकिनिंन’ नामक हार्मोन पैदा करता है जो आपको हमेशा पेट भरा हुआ महसूस कराता है| आप वजन को कम करने के लिए दिन में तीन बार पानी के साथ त्रिफला गुगुल को ले सकते हैं और अपने एडीपोज़ उत्तकों  में अतिरिक्त फैट के जमाव को कम कर सकते हैं।
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एंटी डिप्रेसेंट के रूप में काम करे

त्रिफला गुगुल(Triphala Guggul) आपके दिमाग में चिंता का स्तर कम कर देता है और आपको शांत महसूस कराता है। रात में सोने से 30 से 40 मिनट पहले  त्रिफला गुगुल कैप्सूल लिया जा सकता है|
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शरीर से एलर्जी और जीवाणुओं की वृद्धि हटाये
त्रिफला गुगुल(Triphala Guggul) में एंटी-वायरल और एंटी-एलर्जिक गुण होते हैं जो सामान्य सर्दी, बुखार, जी मिचलाना जैसी समस्याओं का इलाज करते हैं। इसे मौखिक रूप से गोलियों के रूप में या पाउडर रूप में पानी के साथ लिया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए लाभदायक है जो एलर्जी जैसी प्रतिक्रियाओं के प्रति अति संवेदनशील हैं।
🌲🌹🐘🌲
त्रिफला गुग्गुल का उपयोग
सभी स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज़ के लिए त्रिफला गुग्गुल का चूर्ण लिया जा सकता है।

खाली पेट भी त्रिफला गुग्गुल(Triphala Guggul) का पाउडर लिया जा सकता है|

एक गिलास पानी में त्रिफला गुग्गुल पाउडर मिलाएं|
अच्छे परिणामों के लिए हर रात इस मिश्रण को पीएं|
🐘🌴🐘🌹
 त्रिफला गुगुल का खुराक: 
  कितना लेना चाहिए?

2 चम्मच त्रिफला गुग्गुल पाउडर
2 त्रिफला गुगुल कैप्सूल (सुबह और शाम)
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    त्रिफला गुगुल चूर्ण के
 साइड इफेक्ट्स और बचाव

गर्भवती/स्तनपान करने वाली माताओं के लिए यह सुरक्षित नहीं है क्योंकि इससे गर्भपात और दूध के उत्पादन में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

यदि इसे ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो यह गैस्ट्रिक मुद्दों, दस्त और डीहाईडरेशन का कारण बन सकता है।

यदि आप मधुमेह के रोगी हैं तो आपको त्रिफला गुग्गुल(Triphala Guggul) का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए|

त्रिफला गुगुल चूर्ण आप ऑनलाइन मगवाएँ
हेल्पलाइन- whats
78890 53063
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हम  अयुर्वेदिक की महत्वपूर्ण जानकारी 
के लिए सदा आप की सेवा में है।

अपने रोग बारे हमे बताए हम आप सही सलाह ऒर उत्तम अयुर्वेदिक इलाज बताएंगे।

Friday, 25 October 2019

गिलोय सिद्ध काढा-मात्र 2 खुराक 1लाख डेंगु sells का करता है निर्माण।हर इंफेक्शन को जड़ से करे खत्म

किसी बुखार में इस्तेमाल करे यह काढ़ा। आप के पैसे की होगी बचत ।


हर इंफेक्शन को करे जड़ खत्म किसी भी प्रकार की लिवर इंफेक्शन में कारगर खून की कमी होगी दूर।

आप जकीन करे यह काढ़ा कैंसर को भी करता है जड़ से खत्म।

6 ग्लास पानी लेकर आग पर रख दे। उसमे नीचे लिखी सामग्री डाले

गिलोय हरी 100 ग्राम
मनाका 10 पीस
छुहारे 5 पीस
तुलसी पत्ते 50 पीस
★एक चम्मच अजवाइन
★1 चम्मच  सौंफ
पपीता  पत्ते -1पीस
5 पत्ते पीपल
★2 बड़ी इलायची,

सभी सामग्री को तब तक उबाले जब तक आधा न रह जाए।

3 ग्लास बाकी बचा काढ़ा ठण्डा होने पर /1 ग्लास सुबह/1 दुपहरी/1 शाम को ले।यह क्रिया 3 से 10 दिन लगातार करे।
नोटः 1साल के बच्चों को 2-2,चम्मच 2-2घंटे बाद दिन भर देते रहे। 2 से 5 साल के बच्चों को 50 -50 ml दे

लाभ और फायदा ---- मोटापा, यूरिक एसिड, दर्द,माइग्रेन, मसल्स दर्द wbc, जुकाम, खासी,चेचक, टाइफाइड औऱ किसी भी प्रकार की लिवर इंफेक्शन में कारगर है सिद्ध गिलोय काढ़ा।

सिद्ध अयुर्वेदिक -संपर्क सूत्र
whats 78890 53063
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Wednesday, 23 October 2019

सिद्ध थाइरायड नाशक कल्पचुर्ण

सिद्ध थाइरायड नाशक कल्पचुर्ण
थाइरायड की परेशानी से दिलवाएं मुक्ति
      90 दिन लगातार करे इस्तेमाल
               फायदा खुद जाने
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एक स्टडी के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड विकार दस गुना ज्यादा होता है.

ये हैं थायराइड के लक्षण

हाइपरथायरायडिज्म में वजन घटना, गर्मी न झेल पाना, ठीक से नींद न आना, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना आना, हाथ कांपना, दिल तेजी से धड़कना, कमजोरी, चिंता, और अनिद्रा शामिल हैं.
🌹🌲🌹
हाइपोथायरायडिज्म में सुस्ती, थकान, कब्ज, धीमी हृदय गति, ठंड, सूखी त्वचा, बालों में रूखापन, अनियमित मासिकचक्र और इन्फर्टिलिटी के लक्षण दिखाई देते हैं.
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ऐसे बचें थाइरायड घातक रोग से।
90 दिन लगातार सिद्ध थाइरायड नाशक कल्पचुर्ण इस्तेमाल करे।सेवन विधि -2 ग्रा से 5 ग्राम दिन में 3 बार दूध के साथ लें ।
इस से आप को 100% लाभ होगा
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- स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए फाइबर से समृद्ध और कम वसा वाले आहार लें.

- कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहें.

- तनाव से थायराइड विकारों को बढ़ने का मौका मिलता है, इसलिए तनाव से बचने की कोशिश करें.
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 सिद्ध थाइरायड नाशक कल्पचुर्ण -थाइरायड से 20 दिन में होगी मुक्ति।90 दिन कोर्स करे। हम से करे अभी संपर्क  


Tuesday, 22 October 2019

सिद्ध कब्जहर गोली-कब्ज का घरेलू योग


हरड़            10 ग्राम,
छोटी पीपल  10 ग्राम
अजवाइन    10 ग्राम
बेल चुर्ण      10 ग्राम
सौंफ           10 ग्राम
को लेकर पीसकर थूहर के दूध में मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर प्रतिदिन सुबह 1 या 2 गोली पानी के साथ  खाने से पेट का फूलना और कब्ज दूर होती है।
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         ◆ किसी भी शरीरक  स्मयसा के लिए◆
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सिद्ध महाशक्ति योग-सोना युक्त शक्राणु कमजोरी के लिए


                           सोना युक्त
                सिद्ध महाशक्ति कल्पचुर्ण   
फायदे-शक्राणु विर्दी, खून का बनना,शीघ्रपतन, धातु कमजोरी, मर्दाना कमजोरी, नशों की कमजोरी, वीर्य का पतलापन, सभी रोगों में लाभदायक और कारगर।

जो व्यक्ति यौन संबन्ध नहीं बना पाता या जल्द ही शिथिल हो जाता है वह नपुंसकता का रोगी होता है। इसका सम्बंध सीधे जननेन्द्रिय से होता है। इस रोग में रोगी अपनी यह परेशानी किसी दूसरे को नहीं बता पाता या सही उपचार नहीं करा पाता मगर जब वह पत्नी को संभोग के दौरान पूरी सन्तुष्टि नहीं दे पाता तो रोगी की पत्नी को पता चल ही जाता है कि वह नंपुसकता के शिकार हैं। इससे पति-पत्नी के बीच में लड़ाई-झगड़े होते हैं और कई तरह के पारिवारिक मन मुटाव हो जाते हैं बात यहां तक भी बढ़ जाती है कि आखिरी में उन्हें अलग होना पड़ता है।

कुछ लोग शारीरिक रूप से नपुंसक नहीं होते, लेकिन कुछ प्रचलित अंधविश्वासों के चक्कर में फसकर, सेक्स के शिकार होकर मानसिक रूप से नपुंसक हो जाते हैं मानसिक नपुंसकता के रोगी अपनी पत्नी के पास जाने से डर जाते हैं। सहवास भी नहीं कर पाते और मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है।


कारण

नपुंसकता के दो कारण होते हैं- शारीरिक और मानसिक। चिन्ता और तनाव से ज्यादा घिरे रहने से मानसिक रोग होता है। नपुंसकता शरीर की कमजोरी के कारण होती है। ज्यादा मेहनत करने वाले व्यक्ति को जब पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता तो कमजोरी बढ़ती जाती है और नपुंसकता पैदा हो सकती है। हस्तमैथुन, ज्यादा काम-वासना में लगे रहने वाले नवयुवक नपुंसक के शिकार होते हैं। ऐसे नवयुवकों की सहवास की इच्छा कम हो जाती है।

लक्षण :

मैथुन के योग्य न रहना, नपुंसकता का मुख्य लक्षण है। थोड़े समय के लिए कामोत्तेजना होना, या थोड़े समय के लिए ही लिंगोत्थान होना-इसका दूसरा लक्षण है। मैथुन अथवा बहुमैथुन के कारण उत्पन्न ध्वजभंग नपुंसकता में शिशन पतला, टेढ़ा और छोटा भी हो जाता है। अधिक अमचूर खाने से धातु दुर्बल होकर नपुंसकता आ जाती है।

बाजीकरण योग

●सफेद मूसली -100 ग्राम
●कीकर फली -100 ग्राम (बीज रहित)
●अश्वगंधा -100 ग्राम
●सतावरी-100  ग्राम
●गोखरू-100 ग्राम
●जयफल -100 ग्रा ऐसीम
●जामुन - 100 ग्राम
 की गुठली
●कौंच के - 100ग्राम
  बीज के चूर्ण
●तालमखाना-50 ग्राम
●गिलोय चुर्ण-50 ग्राम
●सफेद जीरा-50ग्राम
●सेमल का चूर्ण -50ग्राम
●बबूल गोंद-50 ग्राम
●4 मगज-50ग्राम
●सालममिश्री-50ग्राम
●सालम पंजा-50ग्राम

सभी को मिलाकर चुर्ण बनाए।
सुबह शाम 5-5 ग्राम दूध के साथ ले।

● इसका इस्तेमाल दो महीने तक विस्तारपूर्वक करने से इससे काफी अधिक फायदा मिलता है।

●यह वीर्य को अधिक गाढ़ा बनाता है।

यह रात को होने वाले स्वप्न रोग, वीर्य का जल्दी गिरना और यौनांग के ढीलेपन एवं कमजोरी जैसे रोगों को समाप्त कर देता है-

इससे हर प्रकार की शरीरक कमजोरी दूर होती है और
सुबह-शाम लेने से बाजीकरण यानी संभोग शक्ति ठीक होती है और नपुंसकता भी दूर हो जाती है।

यह दवा कोरियर से मंगवा सकते हैं आप।
सिद्ध आयुर्वेदिक
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सिद्ध नारी पीरियड कल्पचुर्ण-पीरियड को जल्दी लाने, बंद होने पर, कष्ट पूर्ण होने पर, शरीर कष्ट होने पर और अनिमियत पीरियड में कारगर और 100% लाभदायक।


पीरियड को जल्दी लाने, बंद होने पर, कष्ट पूर्ण होने पर, शरीर कष्ट होने पर और अनिमियत पीरियड में कारगर और 100% लाभदायक।


            नारी पीरियड कल्पचुर्ण
गिलोय चूर्ण 10 ग्राम 
आंवला चूर्ण 10 ग्राम 
छोटी हरड़ 10 ग्राम 
तुलसी पाचांग-10 ग्राम  
चरायता चूर्ण 10 ग्राम 
तिल काले 10 ग्राम
अलसी 10 ग्राम
अजमायण-10 ग्राम 
मलॅठी-10 ग्राम 
सौंठ-20 ग्राम 
काली मिर्च -10 ग्राम 
सभी चुर्ण को 50 ग्राम एलोवेरा रस में भावना दे।चुर्ण बना कर दिन में 3 या 4 बार गर्म  दूध से सेवन करे।
                   ★फायदे★
★इसका कोई साइड इफेक्ट्स नही है★
★ 3 दिन में पीरियड आ जाता है
★अगर पीरियड बंद हो गए हो 21 दिन दवा ले।
★पीरियड जल्दी आएगा।
★पीरियड में दर्द नही होगा।
★कमजोरी और सुस्ती नही पड़ेगी।
★अगर गर्भ ठहर गया है तो पुरियड बिन दर्द के आएगा।
★पीरियड दौरान गुसा नही आएगा
★खून की कमी ठीक होगी।
नोटः
अगर यह समान आप को न मिले तो ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। यह दवा  कभी खराब नही होती ।
            आप कभी ले सकते है
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                       ★★★★★
              पीरियड्स जल्दी लाने के
        लिए अयूर्वादिक उपाय क्या हैं ?
                      ★★★★
       ★गिलोय काढ़ा साथ जरूर ले★
                           
                    ★कैसे बनाए काढ़ा★
★ गिलोय हरी 100 ग्राम
★छोटी हरड़ 4 पीस
★किसमिश 10 पीस
★छुहारे 5 पीस
★तुलसी पत्ते 50 पीस
★पपीता पत्ता 1पीस
★शहद 5 चम्मच
सभी सामग्री को तब तक उबाले जब तक आधा न रह जाए।
3 ग्लास बाकी बचा काढ़ा ठण्डा होने पर
1 ग्लास सुबह
1 दुपहरी
1 शाम को ले।
यह क्रिया 3 दिन लगातार करे।
पीरियड 3 दिन पका आ जाएगा
मासिक धर्म के रुक जाने का कारण
शरीर में बहुत ज्यादा आलस्य, खून की कमी, मैथुन दोष, माहवारी के समय ठंडी चीजों का सेवन, ठंड लग जाना, पानी में देर तक भीगना, व्यर्थ में इधर-उधर भ्रमण करना, शोक, क्रोध, दुःख, मानसिक उद्वेग, तथा मासिक धर्म के समय खाने-पीने में असावधानी – इन सभी कारणों से मासिक धर्म रुक जाता है या समय से नहीं होता|
मासिक धर्म के रुक जाने की पहचान
गर्भाशय के हिस्से में दर्द, भूख न लगना, वमन, कब्ज, स्तनों में दर्द, दूध कम निकलना, दिल धड़कना, सांस लेने में तकलीफ, कान में तरफ-तरह की आवाजें सुनाई पड़ना, नींद न आना, दस्त लगना, पेट में दर्द, शरीर में जगह-जगह सूजन, मानसिक तनाव, हाथ, पैर व कमर में दर्द, स्वरभंग, थकावट, शरीर में दर्द आदि मासिक धर्म रुकने के लक्षण हैं|
                   
                   हम आप की सेवा में है
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Wednesday, 9 October 2019

कैल्शियम सिद्ध योग अपनाएँ ---- शरीर दर्द, कमजोरी, हड्डी रोग, दांत रोग औऱ नींद के सभी रोग होंगे दूर।

           कैल्शियम की कमी है तो 
      कैल्शियम सिद्ध योग अपनाएँ

                 🌳🌹🌹🌲
शरीर दर्द, कमजोरी, हड्डी रोग, दांत रोग औऱ नींद के सभी रोग होंगे दूर।
                    🌷🌷🌷
  • तिल सफेद 100 ग्राम
  • तिल काला 100 ग्राम
  • जीरा         100 ग्राम
  • बादाम       100 ग्राम
  • शिलाजीत   20 ग्राम
  • बादाम गिरी  100 ग्राम
  • सभी को पीसकर चुर्ण बनाएँ ।
  • 💬💬💬💬🌹🌹🌷
सेवन विधि - सुबह शाम 2 बार उपयोग करे।
मात्रा:-1चम्मच (2 ग्राम)  दूध के साथ सेवन करे।
                  🌹🌲🌹

कैल्शियम की कमी के नुकसान
हमारे दांत कमजोर होना |
नाखून और हड्डियां भी कमजोर होना या फिर उन में दर्द होना ।
बार बार जोड़ों में दर्द होने का कारण भी कैल्शियम की कमी है ।
कई बार शरीर में कैल्शियम की कमी होने के कारण बच्चों का विकास ठीक से नहीं होता है ।
दिल की धड़कन का बढ़ना या फिर शरीर में ।
थकावट महसूस होना, यह भी कैल्शियम की कमी के कारण होता है ।

संपर्क सुत्र- whats 78890 53063/94178 62263


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Saturday, 5 October 2019

पेट रखे दरुस्त -- नही होगी कोई बीमारी

         
*100 ग्राम अजवाइन ,50 ग्राम बारीक कटा हुआ अदरक, 50 ml  नींबू का रस, और 30 ग्राम काला नमक मिलाएं और भोजन से पहले आधे घंटे पहले इसका 1चम्मच पानी से उपयोग करे उपभोग करें।*

*फ़ायदे-अपच ,गैस, जलन,कब्ज ,खट्टी डकारें खत्म होगी औऱ भोजन जल्दी पच जाएगा।*

*इसे नियमित रूप से पीने से 3-7 दिनों के भीतर पाचन में सुधार आता है।* 

🌹🌲🌹
💐💐💐
*यदि अन्य अवयव उपलब्ध नहीं हैं, तो पानी के साथ केवल काला नमक लें (1 ग्राम) यह भी काफ़ी फायदेमंद है।* 

                  🌹🥃🌹
             *पेट की हर बीमारी में*
            *गर्म अजवाइन पानी*

*एक ग्लास पानी में 1 चम्मच अजवाइन उबालकर थोड़ा ठंडा होने पर इसे भोजन के तुरंत बाद ग्रहण करें। इसे दिन में एक बार लें या तो, दोपहर के भोजन पश्चात अथवा रात के खाने के बाद लें।*

*अपच ,गैस, जलन,कब्ज ,खट्टी डकारें खत्म होगी औऱ भोजन जल्दी पच जाएगा।*

🥃🥃🥃🥃


*यदि आप सुबह उठते ही भारीपन और आलस्य महसूस करते हैं, नाश्ता छोड़ते हैं, तो जितना संभव हो उतना गर्म पानी पीते रहें।*

*रात के खाने में खिचड़ी खाएं (हरे मूंग की दाल और चावल का एक बड़ा मिश्रण, अच्छी मात्रा में पानी में पकाये।  यह आपको अपचन से राहत देगा।*
                    🍲🍲🍲
*नींबू को आधा काट लें और इसेमें काला नमक भरें। भोजन से पहले इसे चाटें। यह एक भूख जगाने वाले कारक के रूप में काम करता है। बहुत से लोग मानते हैं कि नींबू प्रकृति में अम्लीय है, लेकिन नींबू में मौजूद पोटेशियम शरीर में अम्ल को निष्क्रिय करता है।*
💐💐
*कभी-कभी अम्ल प्रतिवाह का कारण भी बन सकता है। अम्ल पाचन रस के अपर्याप्त स्राव का परिणाम है जो भोजन के साथ बहुत अधिक पानी पीने से हो सकता है। पानी पाचन रस को पतला करता है।* 

*इसके लिए सबसे अच्छा इलाज जामुन (जंबुल) है। खाने के ठीक बाद 5 से 10 जामुन खाने से अम्ल में बड़ी राहत मिलती है। पपीता खाने से भी इस स्थिति में मदद मिलती है।*
🌲🌹🌲

  *सिद्ध अयुर्वेदिक घरेलु योग online मगवाएँ*
संपर्क*
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        *Telegram 94178 62263*


Friday, 4 October 2019

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सिद्ध कायाकल्प चुर्ण