Tuesday, 30 August 2016

आंखो की दृष्टि कमजोर हो तो

सिद्ध आयुर्वेदिक

आंखों की दृष्टि
कमजोर हो तो

आंखों के दृष्टिदोष को दूर करने के लिए रोगी व्यक्ति को कम से कम पांच बादाम रात को पानी में भिगोने के लिए रखने चाहिए।

सुबह उठने के बाद बादामों को उसी पानी में पीसकर पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को खाना खाने के बाद अपनी आंखों पर कुछ समय के लिए लगाएं।

इसके बाद आंखों को ठंडे पानी से धोएं और साफ तौलिए से पोंछे।

इसके साथ-साथ रोगी व्यक्ति को गाजर, नारियल, केले, तथा हरी सब्जियों का भोजन में अधिक उपयोग करना चाहिए।

कुछ महीनों तक ऐसा करने से आंखों में दृष्टिदोष से सम्बन्धित सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

हम करेंगे हर बिमारी को छोटा

सिद्ध आयुर्वेदिक

                  ★हम करेंगे हर बिमारी को छोटा★
           ●आयुर्वेद आप के अच्छे स्वास्थ्य के वचनबंद है●

  आपको यहां बताए जा रहे नुस्खों में उपयोग की जाने वाली औषधियां बाजार में किसी भी औषधि की दुकान से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। *


जो व्यक्ति हर रोज भोजन के बाद थोड़े से गुड़ का सेवन करता है, उसे शारीरिक रूप से काफी लाभ प्राप्त होता है। गुड़ पुराना होगा तो अधिक फायदेमंद रहता है। भोजन के बाद थोड़ा-सा मीठा खाने पर पाचन तंत्र को मदद मिलती है।


* काला नमक, हींग और सोंठ का काढ़ा बनाकर पीने से पेट से संबंधित कई रोग दूर होते हैं। पेट साफ और स्वस्थ रहेगा तो शरीर ऊर्जावान और शक्तिशाली बना रहता है।


* यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बुढ़ापे के रोगों से बचना चाहता है और कमजोरी को दूर रखना चाहता है तो नियमित रूप से गाय के दूध का सेवन करना चाहिए। यदि दूध में घी और शहद भी मिला लिया जाए तो यह आयु बढ़ाने वाला होता है।


* खाना खाने के बाद मिश्री और मक्खन का सेवन करना भी लाभदायक होता है। इस उपाय से बुद्धि बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है। यदि गाय के दूध से बना मक्खन होगा तो ज्यादा बेहतर रहता है।


* शहद और त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जाए तो लंबे समय तक आंखें स्वस्थ रहती हैं और आंखों से संबंधित कई छोटी-छोटी बीमारियां दूर ही रहती हैं।


* घी के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन करना चाहिए। यह आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।


* हर रोज सोने से पहले शहद और घी का सेवन करने से शरीर को शक्ति प्राप्त होती है।


* तिल, अश्वगंधा, मूसली, काली तुलसी और गुड़ को परस्पर समान भाग में मिलाएं और इसके छोटी-छोटी गोलियां बनाएं। इन गोलियों का सेवन करने पर भी शरीर को ताकत मिलती है।


* उड़द, अलसी, गेहूं और पिप्पली को पीसकर उसमें घी मिलाएं और शरीर पर लगाएं। ऐसा नियमित रूप से करने पर त्वचा लंबे समय तक चमकदार और स्वस्थ बनी रहती है।


* पिप्पली, लौहचूर्ण, सोंठ, आंवला, सेंधा नमक, शहद और मिश्री को समान मात्रा में एक साथ मिलाएं। इस मिश्रण का सेवन नियमित रूप से करते रहेंगे तो व्यक्ति लंबे समय तक बलवान बने रह सकता है।


* गरुड़ पुराण के अनुसार जो लोग अधिक बलवान होना चाहते हैं, उन्हें हर रोज मिश्री, शहद और मक्खन को एक साथ मिलाकर सेवन करना चाहिए।

मक्खन और मिश्री सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, यह इस बात से समझा जा सकता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने बालपन में मक्खन-मिश्री की सेवन किया था। आज भी श्रीकृष्ण को मुख्य प्रसाद के रूप में यही अर्पित किया जाता है।

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Wednesday, 24 August 2016

पथरी की दवा

सिद्ध आयुर्वेदिक पथरी गुर्दो की हो या पीते की जरूर निकलेगी । पथरी की दवा आंवला चूर्ण 200 ग्राम करेला चूर्ण 100 ग्राम आम का सूखा पत्ते -100 सुखा धनिया -100 ग्राम सौंफ 100ग्राम तुलसी चूर्ण -100 ग्राम खरबूजे के बीज -20 ग्राम बड़ी इलायची 20 ग्राम नींबू सत -20 ग्राम फिटकरी -20ग्राम काली मिर्च -20 ग्राम जीरा 50 ग्राम मिश्री 25 ग्राम सेंधा नमक 25 ग्राम कुट कर चूर्ण बना लें सेवन विधि - 2 से 5 ग्राम दिन में 4 बार । नींबू पानी के साथ सेवन करें । कब तक सेवन करें - 4 से 21 दिन तक । पथरी तो दूसरे दिन निकल जाती है पर दवा 21 दिन उपयोग करे । सिद्ध आयुर्वेदिक 094178-62263

Tuesday, 23 August 2016

कब्ज नही टूट रही तो यह करे

सिद्ध आयुर्वेदिक

         कब्ज नही टूट रही तो
                यह करे

15 से 20 ग्राम त्रिफला चूर्ण(5 चम्मच ) को रात भर 1 लीटर साफ़ पानी में मिलाकर कर रखे और सुबह इस पानी को छान ले।

यह पानी पिने से पाचन ठीक होता है और कब्ज की शिकायत दूर होती हैं।

यह प्रयोग 21 दिन से 90 दिन तक करे ।

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