Saturday, 23 December 2017

समस्त शरीरिक दर्दों के लिए यह दवा रामबाण है ।

सिद्ध आयुर्वेदिक
9417862263

           समस्त शरीरिक दर्दों के लिए
                यह दवा रामबाण है ।

             ★सिद्ध वातदर्द क्ल्पचुर्ण★
          ★समस्त वात रोग में रामबाण★
     ★इंग्लिश दर्द युक्त दवाईयों से मुक्ति पाएं★

          यह दवा शुगर के मरीज भी ले ।
         यह योग शुगर को भी नार्मल करता है।

   (यह दवा online से भी मंगवा सकते है )

◆अफस्फीत शिराएंV(aricose veins) दर्द
◆सर्वकल दर्द
◆छाती का दर्द
◆घुटनों का दर्द,
◆जोड़ा का दर्द और सुजन,
◆कमर दर्द ,गठिया दर्द
◆समस्त शरीर का दर्द
◆युरिक एसिड दर्द
◆माइग्रेन का दर्द
◆डिस्क का दर्द
◆सिर (आधा) दर्द
◆नस ब्लॉक दर्द
◆नजला के दर्द
यह दवा सभी प्रकार के दर्दो के लिए है क्योंकि यह दवा हमारे शरीर मे रोग प्रीतिरोधक जीवाणुओं को बढ़ाती है।
अगर किसी के घुटनों की ग्रीस खत्म हो चुकी हो और उनका चलना, उठना और सीढ़ी चढ़ना मुश्किल हो गया हो तो यह दवा कारगर होगी
दवा क्या है
इंद्रयाण अजवाइन 100 ग्राम
सौंठ भुनी 50 ग्राम
सोंठ, काली मिर्च और पीपर – 5-5 ग्राम।
पिपरामूल, चित्रकमूल, च्‍वय, धनिया, बेल की जड, अजवायन, सफ़ेद जीरा, काला जीरा, हल्‍दी, दारूहल्‍दी, अश्‍वगंधा, गोखुरू, खरैटी, हरड़, बहेड़ा, आंवला, शतावरी, मीठा सुरेजान, शुद्ध कुचला, बड़ी इलायची, दालचीनी, तेजपात, नागकेसर 4-4 ग्राम।
योगराज गुग्‍गल 100 को कूटने के बाद बारीक पीस लें और छान कर मिला लें।
दवा तैयार हो गई ।
सेवन विधि -
1-1 चम्मच छोटा सुबह-शाम दूध के साथ ले ।
☆☆☆
घुटनों के दर्द में दवा के साथ
यह जरूर करे
दिन 2 बार
3 लीटर पानी में 200 ग्राम नमक 200 ग्राम सरसों का तेल डालकर गरम कर लें। फिर उस पानी में कपड़ा भिगोकर लगभग 10 मिनट तक नित्य सेंकाई करें।
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परहेज -:

घुटने दर्द में क्या खाएं क्या नहीं


अपथ्य भोजन:- (तीन से छह महीनों तक क्या न खाएं):- केला,सब खट्टे फल व पदार्थ ( नींबू, अचार इत्यादि) सब ठंडे पदार्थ, सब सूखे मेवे खासकर काजू ,बादाम इत्यादि उड़द दाल का उपयोग न करे। जोड़ो के दर्द ठीक होने में कब्ज सबसे बड़ी समस्या है इसलिये पेट का रोज साफ होना जरूरी है।

पथ्य:- दिन में भोजन के पहले गेंहू के दाने के बराबर चुना थोड़े से देशी गुड़ व देशी गाय के घी के साथ खाएं । कम से कम 20 मिनट धूप में (कम से कम कपड़े पहन कर ) बैठे।

घुटने के दर्द में केवल ठंडी तथा वायु बनाने वाली चीजों का उपयोग वर्जित है।

फलों तथा हरी तरकारियों का सेवन अधिक करें| मट्ठा, चाट, पकौड़े, मछली, मांस, मुर्गा, अंडा, धूम्रपान आदि का सेवन बिलकुल न करें।

घुटनों को मोड़कर नहीं बैठना चाहिए।

पेट को साफ रखें तथा कब्ज न बनने दें।

दूध के साथ ईसबगोल की भूसी का प्रयोग करें।

शरीर को अधिक थकने वाले कार्य न करें।

प्रतिदिन सुबह-शाम टहलने के लिए अवश्य जाएं।
***
☆साथ मे यह करे ज्यादा फायदा होगा ☆

आलू, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, लाल मिर्च, अत्‍यधिक नमक, बैगन आदि न खाये।

घुटनो की गर्म व बर्फ के पैड्स से सिकाई करे।
घुटनो के निचे तकिया रखे।

वजन कम रखे इसे बढ़ने न दे।


ज्‍यादा लम्बे समय तक खड़े न रहे।
आराम करे दर्द बढ़ाने वाली गति विधिया न करे इससे आपका दर्द और बढता जायेगा और आप इसे सहन नहीं कर पाएंगे।

सुबह खली पेट तीन से चार अखरोट खाये, विटामिन इ युक्त खाना खाये धुप सेके।

सिद्ध आयुर्वेदिक
941786263


4 comments:

  1. आजमाने के वाद ही कमेंट

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  2. Pl. Send online, comment only after using it

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  3. बहुत प्यारा ब्लॉग, अगर आप मधुमेह, गैस, लिवर, बवासीर इन सब रोगों से परेशान ह और घरेलु उपचार चाहते ह तो इस साईट पर जाए:-http://www.sagarvansiayurveda.com/

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