Friday, 22 December 2017

*कब्जहर और गैस हरण चूर्ण*

सिद्ध आयुर्वेदिक
               (Constipation )
       *कब्जहर  और गैस हरण  चूर्ण*
        गैस की समस्या 1 मिनट में ठीक
     (जटिल से जटिल कब्ज में लाभकारी )


      
आजकल पेट में गैस बनना एक साधारण बात हो गई है।
पाचन तंत्र में विकार उत्पन्न होने की वजह से उदर और आंतों में गैस की समस्या उत्पन्न हो जाती है है।
गैस बनना किसी रोग का लक्षण भी हो सकता है। अधेड़ उम्र के लोग इससे अधिक पीडि़त रहते हैं।
क्योंकि इस उम्र में पाचन क्रिया कमजोर होने लगती है। लोग अक्सर इसे आम समस्या समझकर नजर अंदाज कर दिया करते हैं।
पेट में गैस होने पर सीने में जलन होने का मुख्य कारण पेट में मौजूद एसिड होता है।
इस एसिड के इसोफेगस में आने से गले में जलन होती है। इसके चलते कुछ भी खाना मुश्किल हो जाता है। इसके चलते कई बार हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है।
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। कब्ज का शिकार लोगों को गैस की समस्या ज्यादा परेशान करती है।
लक्षण :
रोगी की भूख कम हो जाती है। छाती और पेट में दर्द होने लगता है, बेचैनी बढ़ जाती है, मुंह और मल-द्वार से आवाज के साथ वायु निकलती रहती है। इससे गले तथा हृदय के आस-पास भी दर्द होने लगता है। सुस्ती, ऊंघना,बेहोशी, सिर में दर्द, आंतों में सूजन, नाभि में दर्द, कब्ज, सांस लेने में परेशानी, हृदय (दिल की बीमारी), जकड़न, पित्त का बढ़ जाना, पेट का फूलना, घबराहट, सुस्ती, थकावट, सिर में दर्द, कलेजे में दर्द और चक्कर आदि लक्षण होने लगते हैं।
आएं पाएं छुटकारा इन सभी बीमारियों से
इस आयुर्वेदिक चूर्ण के साथ

हरड़ 250 ग्राम
इंद्रायण 100 ग्राम
अजवायन 100 ग्राम
आवला सुखा 50 ग्राम
बहेड़ा 50 ग्राम
सेंधा नमक 100 ग्राम
काला नमक 50 ग्राम
नोसादर 50 ग्राम
निम्बू सत 10 ग्राम
हल्दी 50 ग्राम
सोंठ 10 ग्राम
सोंफ 100 ग्राम
काली मिर्च 20 ग्राम
दालचीनी 20 ग्राम
सभी को कुटपिस कर चूर्ण बना ले और शाम को सोते समय एक छोटा आधा चमच्च गुनगुने पानी से ले ।
●●●●
फायदे
●यह आँतों में जमे मल को बाहर निकालता है।
●कब्ज की समस्या से राहत देता है ।
●भूख बढाता है ।
●खाने से रस बनाने की प्रकिर्या को सरल करता है ।
●आंतों की सफाई कर आंतों को मजबूत करता है।
● पेट की चर्बी नही बढ़ने देता।
●गैस की समस्या को दूर करता है।
● पेट दर्द के रामबाण है यह।
●अगर आप को गैस बनने की या एसिड की या जलन की समस्या होती है।
तो एक एक चुटकी चुर्ण लेते रहे। 2 मिनट में जलन समाप्त हो जाती है।
सिद्ध आयुर्वेदिक
09417862263
यह दवा आप कोरियर से मंगवा भी सकते है । 

शुगर की कामयाब दवा

सिद्ध आयुर्वेदिक
094178 62263

         शुगर की कामयाब दवा

जिन की शुगर 200 से उपर रहती है
वह यह दवा ऐपल के सिरके से ले ।

शुगर 2 मै दिन समान्य हो जाएगी  ।

आप ने आधा ग्लास पानी लेना है
और 2 चम्मच ऐपल सिरका लेना है ।

धोलकर सिरका पानी के साथ एक
चम्मच शुगर की दवा लेनी है ।

2 दिन में शुगर समान्य हो जाएगी ।

सिरका बजार में आम मिल जाता है ।

(यह दवा कोरिया से भी मंगवा सकते है सिरका आप को खुद लेना होगा )

*त्रिफला चूर्ण-400 ग्राम
*इन्द्रजो कडवा या
  इन्द्रजो तल्ख़ 250 ग्राम
*इंद्राण अजमायन-250ग्राम
*मेथी का दना - 200ग्राम
*कलौंजी 200 ग्राम
*तेज पत्ता ------- 200 ग्राम
*जामुन की गुठली -200 ग्राम
*बेलपत्र के पत्ते - 200 ग्राम
*गुडमार -130 ग्राम
*नीम की गुठली  130 ग्राम
*तुलसी की पत्तियाँ- 130 ग्राम
*सदाबहार की पत्तियाँ -130 ग्राम
*वंशलोचन -130 ग्राम
*जायफल -50 ग्राम
*जावित्री -50ग्राम
*चार गोंद -50 ग्राम
*छोटी इलायची -20 ग्राम
*कालीमिर्च- 50

एलोवेरा रस 500 ग्राम

सभी चूर्ण को एलोवेरा रस में मिलाकर सांय में
सुखाए ।

सेवन विधि - सुबह -शाम  3 से 5  ग्राम पानी से लेते रहे ।

***
खानपान में करें परहेज

-अधिक चावल खानें से बचें। चीनी, आलू का सेवन कम करें। मीठे फलों से दूर रहें। मिठाई से बचें।

गुड़, आम, इमली की खटाई, आलू, अरबी, बैंगन, शक्कर, सैक्रिन, सभी मीठे फ़ल, गाजर, कद्दू (पेठा), गेहूं, चावल, तले हुए भोजन, उड़द, मसूर दाल, मांस- मछली, अण्डा-मुर्गा, सभी मादक द्र्व्य, चाय, काफ़ी, तेज मिर्च,अश्लिल-उत्तेजक साहित्य, टीवी, फ़िल्में देखना,अधिक रात्रि तक जागना,औरत प्र्संग आदि से मधुमेही को अवश्य बचना चाहिए । अन्यथा लाभ नहीं होगा।
-***

मधुमेह केरोगी इसका करें सेवन

जौ का आटा 6 किलो में चने का बेसन 2 किलो मिला कर इसकी रोटी खायें ।
***

पत्तागोभी,पालक,मेथी और मेथी दाने का साग, करेला,तुरई (तोरी),गिलकी, घीया (लोकी),टिंडा, परवल,कन्दूरी, बथुआ, चौलाई, मुंग, अरहर,चने की दाल, भुने हुए चने,चने के बेसन से छाछ में बनाई हुई कढी,जीरा प्याज तथा लहसुन से छौंकी हुई, अकेली छाछ,पका हुआ पीला नींबू,नींबू का अचार थोडी मात्रा में, फ़ीका दूध, घी,थोडा मक्खन,जामुन फ़ल,कैथ[कबीट]के गुद्दे की चटनी खा सकते हैं। पथ्य के बिना औषधि सेवन बेकार है। लाभ का कोई चांस नहीं है।

-जौ और गेहूं की रोटी खाएं। मूंग, मसूर और चने की दाल का सेवन करें। करेला, बबूल के फले खाएं।सिद्ध आयुर्वेदिक
094178 62263

         शुगर की कामयाब दवा

जिन की शुगर 200 से उपर रहती है
वह यह दवा ऐपल के सिरके से ले ।

शुगर 2 मै दिन समान्य हो जाएगी  ।

आप ने आधा ग्लास पानी लेना है
और 2 चम्मच ऐपल सिरका लेना है ।

धोलकर सिरका पानी के साथ एक
चम्मच शुगर की दवा लेनी है ।

2 दिन में शुगर समान्य हो जाएगी ।

सिरका बजार में आम मिल जाता है ।

(यह दवा कोरिया से भी मंगवा सकते है सिरका आप को खुद लेना होगा )

*त्रिफला चूर्ण-400 ग्राम
*इन्द्रजो कडवा या
  इन्द्रजो तल्ख़ 250 ग्राम
*इंद्राण अजमायन-250ग्राम
*मेथी का दना - 200ग्राम
*कलौंजी 200 ग्राम
*तेज पत्ता ------- 200 ग्राम
*जामुन की गुठली -200 ग्राम
*बेलपत्र के पत्ते - 200 ग्राम
*गुडमार -130 ग्राम
*नीम की गुठली  130 ग्राम
*तुलसी की पत्तियाँ- 130 ग्राम
*सदाबहार की पत्तियाँ -130 ग्राम
*वंशलोचन -130 ग्राम
*जायफल -50 ग्राम
*जावित्री -50ग्राम
*चार गोंद -50 ग्राम
*छोटी इलायची -20 ग्राम
*कालीमिर्च- 50

एलोवेरा रस 500 ग्राम

सभी चूर्ण को एलोवेरा रस में मिलाकर सांय में
सुखाए ।

सेवन विधि - सुबह -शाम  3 से 5  ग्राम पानी से लेते रहे ।

***
खानपान में करें परहेज

-अधिक चावल खानें से बचें। चीनी, आलू का सेवन कम करें। मीठे फलों से दूर रहें। मिठाई से बचें।

गुड़, आम, इमली की खटाई, आलू, अरबी, बैंगन, शक्कर, सैक्रिन, सभी मीठे फ़ल, गाजर, कद्दू (पेठा), गेहूं, चावल, तले हुए भोजन, उड़द, मसूर दाल, मांस- मछली, अण्डा-मुर्गा, सभी मादक द्र्व्य, चाय, काफ़ी, तेज मिर्च,अश्लिल-उत्तेजक साहित्य, टीवी, फ़िल्में देखना,अधिक रात्रि तक जागना,औरत प्र्संग आदि से मधुमेही को अवश्य बचना चाहिए । अन्यथा लाभ नहीं होगा।
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मधुमेह केरोगी इसका करें सेवन

जौ का आटा 6 किलो में चने का बेसन 2 किलो मिला कर इसकी रोटी खायें ।
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पत्तागोभी,पालक,मेथी और मेथी दाने का साग, करेला,तुरई (तोरी),गिलकी, घीया (लोकी),टिंडा, परवल,कन्दूरी, बथुआ, चौलाई, मुंग, अरहर,चने की दाल, भुने हुए चने,चने के बेसन से छाछ में बनाई हुई कढी,जीरा प्याज तथा लहसुन से छौंकी हुई, अकेली छाछ,पका हुआ पीला नींबू,नींबू का अचार थोडी मात्रा में, फ़ीका दूध, घी,थोडा मक्खन,जामुन फ़ल,कैथ[कबीट]के गुद्दे की चटनी खा सकते हैं। पथ्य के बिना औषधि सेवन बेकार है। लाभ का कोई चांस नहीं है।

-जौ और गेहूं की रोटी खाएं। मूंग, मसूर और चने की दाल का सेवन करें। करेला, बबूल के फले खाएं।

बलवर्धक और वीर्यवर्धकचुर्ण

सिद्ध आयुर्वेदिक
            बलवर्धक और वीर्यवर्धक
                        चुर्ण
               वीर्यवर्धक कल्पचुर्ण


           महिलाओं और मर्द दोनों
        की हर कमज़ोरी दूर करता है।
आँवला चुर्ण       200 ग्राम
बरगद फल        100 ग्राम (चुर्ण)
तुलसीबीज        100 ग्राम
बाबुल फली       100 ग्राम (बीज रहित)
कौंचबीज काला  50 ग्राम
तालमखाना        50 ग्राम
कंदबीज             25 ग्राम
बरगद दूध(सुखा) 25 ग्राम
सभी को मिलाए।
   ★यह 650 ग्राम चुर्ण बन जाएगा।★
  ◆यह 60 दिन के करीब दवा बनेगी।◆
रोजाना 5 -5 ग्राम 3 बार हल्के ठंडे दूध के साथ सेवन करे।
***
यह चुर्ण मर्द और महिलाओं के लिए शक्तिवर्धक है
यह महिलाओं के भी रामबाण योग है।
महिलाओं की हर कमजोरी और सफेद पानी की समस्या को ठीक करता है।
***
शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक, स्नायु व मांसपेशियों को ताकत देने वाला एवं कद बढ़ाने वाला एक पौष्टिक रसायन है।
यह धातु की कमजोरी, शारीरिक-मानसिक कमजोरी आदि के लिए उत्तम औषधि है।
इसके सेवन से शुक्राणुओं की वृद्धि होती है एवं वीर्यदोष दूर होते हैं।
धातु की कमजोरी, स्वप्नदोष, पेशाब के साथ धातु जाना आदि विकारों में इसका प्रयोग बहुत ही लाभदायी है।
यह राज्यक्ष्मा(क्षयरोग) में भी लाभदायी है। इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है।
यह वातशामक तथा रसायन होने के कारण विस्मृति, यादशक्ति की कमी, उन्माद, मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) आदि मनोविकारों में भी लाभदायी है।
दूध के साथ सेवन करने से शरीर में लाल रक्तकणों की वृद्धि होती है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है, शरीर में शक्ति आती है व कांति बढ़ती है।
Online आप मंगवा सकते हैं।
Whats
9417862263

★शुक्राणु की पुरुषों में कमी★

सिद्ध आयुर्वेदिक

         ★शुक्राणु की पुरुषों में कमी★

    【बच्चे न होने की एक पीड़ा यह भी है】

ज्यादातर बच्चे के ना होने का कारण महिलाओं को ही ठहराया जाता है ।

लेकिन इसमें पुरूष भी कम नही है जब पुरूषों में शुक्राणु के बनने के लक्षण कम होते है तो उनमें नपुंसकता बढ़ने लगता है ।

जिससे बच्चे के पैदा होने में
दुविधा खड़ी हो जाती है

सामान्य तौर पर एक स्वस्थ या हेल्दी पुरूष में 15 मिलियन शुक्राणु की कोशिकाओं का होना काफी आवश्यक होता है।

जिसमें स्वस्थ शुक्राणु के इन लक्षणों के अलावा रूप, संरचना और गतिशीलता का होना जरूरी माना जाता है।

और इसकी कमी ही अनहेल्दी शुक्राणु के लक्षणों का होना पाया जाता है। जिसमें मर्द में नपुंसकता और सेक्स करने के इच्छा में कमी होने लगती है और पूरी लाइफ पर इसका असर देखने को मिलता है।

यदि आप थोड़ी सी सतर्कता बरते तो आप अपनी जीवनशैली में कुछ सुधार लाकर शुक्राणु की गुणवत्ता और संख्या को बढ़ा सकते है।

★★★
                       शुक्राणुओं के बारे          
                   कुछ हैरान करने वाले सच

भारत के मर्दो के वीर्य में साल दर साल शुक्राणुओं की कमी देखी जा रही है।  भारत के मर्दो में अब पहले जैसी बात नही रही। शक्राणु के आकर और संरचना में गड़बड़ियां आ रही है। 1978 में एक सेहतमंद व्यक्ति के वीर्य में शुक्राणुओं की गिनती 6 करोड़ प्रति लीटर पाई जाती थी, 2012 में यह गिनती 6 करोड़ से 2 करोड़ हो गयी थी।

इन सालों में भारती मर्द बहुत कमजोर हुआ है।

कारण क्या है।

आयुर्वेद मान्यता है कि

■अवैध नशीली दवाओं का प्रयोग – कोकीन या गांजा जैसे नशीले पदार्थों के सेवन से आपके शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी आ सकती है।

■शराब का सेवन – शराब पीने से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है और शुक्राणु उत्पादन में कमी आ सकती है। (और पढ़ें – टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के घरेलू उपाय)

■धूम्रपान – अन्य व्यक्तियों की तुलना में धूम्रपान करने वाले पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है।

■तनाव – लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण शुक्राणु पैदा करने वाले कुछ आवश्यक हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं।

■वजन – मोटापे के कारण हार्मोन में बदलाव हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पुरुषों की प्रजनन क्षमता कमज़ोर हो सकती है।

★★★

फिर भी चिंता की बात है आयुर्वेद में हर रोग का इलाज  शर्तिया है।

★★★

       ★शुक्राणुओं के लिए आयुर्वेदिक योग★

गिलोय चुर्ण 100 ग्राम
तुसली बीज 100 ग्राम
कौंच के बीज 100 ग्राम (छिलकारहित)
सफ़ेद मूसली 100ग्राम
सतावर 100 ग्राम
बाबुल फली 50 ग्राम
गोखरू 50 ग्राम
विदारीकंद 50 ग्राम
बरगद दूध 50 ग्राम
सालम पंजा 50 ग्राम
सालम मिश्री 50 ग्राम
शिलाजीत 50 ग्राम
आवला चुर्ण 50 ग्राम
कबाब (शीतल)चीनी 50 ग्राम
तालमखाना 20 ग्राम
हत्था जोरी 20 ग्राम
कतीरा गोंद 20 ग्राम
बबूल का गोंद 20 ग्राम
काले तिल  20 ग्राम

सभी को चुर्ण को 200 ग्राम एलोवेरा रस में मिलाकर धुप में सुखाए।

सुबह-शाम एक-एक चम्मच चूर्ण मीठे दूध के साथ 60 दिन तक सेवन करें और इसके बाद वीर्य की जाँच करवाकर देख लें कि शुक्राणुओं में क्या वृद्धि हुई है।

●●●

भोजन में निम्न पदार्थों का सेवन शरीर में वीर्य Semen improving को बढ़ाता है:

★मिश्री मिला गाय का दूध
★ गाय का धारोष्ण दूध
★मक्खन, घी
★चावल व दूध की खीर
★ उड़द की दाल
★तुलसी के बीज
★बादाम का हलवा
★मीठा अनार
★प्याज, प्याज का रस घी-शहद के साथ
★ खजूर
★बादाम

★★★

परहेज
1. तेल और तली चीजें, अधिक लाल मिर्च, मसालेदार पदार्थ, इमली, अमचूर, तेज खटाईयां व आचार।

2. प्रयोग काल में घी का उचित सेवन करना चाहिए।

3. पेट की शुध्दि पर भी ध्यान देना चाहिए। कब्ज नही होने देनी चाहिए। कब्ज अधिक रहता हो तो प्रयोग से पहले पेट को हल्के दस्तावर जैसे त्रिफला का चूर्ण एक चमच अथवा दो-तीन छोटी हरड़ का चूर्ण गर्म दूध या गर्म पानी के साथ, सोने से पहले अंतिम वास्तु के रूप में लें।

4. सेवन-काल में ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक है।

5. ओषधि सेवन के आगे-पीछे कम से कम दो घंटे कुछ न खाएं। खाली पेट सेवन से यह मतलब है।

★★★

सावधानी-

इसका उपचार करते समय लगभग 4-5 दिन तक स्त्री के साथ संभोग नहीं करना चाहिए।

रात को सोते समय पानी में किशमिश के 6-7 दाने भिगोकर सुबह नाश्ते के समय पानी के साथ ही खा लें।

काले चनों का सूप बनाकर पिएं और उनको उबालकर खाना भी लाभकारी होता है।

अगर खाना चाहो तो बादाम की 8-10 गिरियों को भी खा सकते हैं।

मन को एकदम गलत विचारों से दूर रखें।

★★★

कोई भी समस्या हो

Call नही sms करें।

Whats 9417862263

सिद्ध कायाकल्प चुर्ण