Thursday, 21 June 2018

वीर्यवर्धक कल्पचुर्ण


सिद्ध आयुर्वेदिक
            बलवर्धक और वीर्यवर्धक
                  चांदी भस्म  युक्त 

               वीर्यवर्धक कल्पचुर्ण

           महिलाओं और मर्द दोनों
        की हर कमज़ोरी दूर करता है।

यह हाइपोथेलेमस पर काम करता है।
इसके सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन, लुटीनाइज़िंग luteinizing हार्मोन, डोपामाइन, एड्रेनालाईन, आदि में सुधार होता है।

आँवला चुर्ण       200 ग्राम
बरगद फल        100 ग्राम (चुर्ण)
तुलसीबीज        100 ग्राम
बाबुल फली       100 ग्राम (बीज रहित)
सालम पंजा।      100 ग्राम
सालम मिश्री      100 ग्राम
कौंचबीज काला  50 ग्राम
तालमखाना        50 ग्राम
कंदबीज             25 ग्राम
बरगद दूध(सुखा) 25 ग्राम
चांदी भस्म             2 ग्राम
सभी को मिलाए।
   ★यह 650 ग्राम चुर्ण बन जाएगा।★
  ◆यह 60 दिन के करीब दवा बनेगी।◆
रोजाना 5 -5 ग्राम 3 बार हल्के ठंडे दूध के साथ सेवन करे।
***
यह चुर्ण मर्द और महिलाओं के लिए शक्तिवर्धक है
यह महिलाओं के भी रामबाण योग है।
महिलाओं की हर कमजोरी और सफेद पानी की समस्या को ठीक करता है।
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शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक, स्नायु व मांसपेशियों को ताकत देने वाला एवं कद बढ़ाने वाला एक पौष्टिक रसायन है।
यह धातु की कमजोरी, शारीरिक-मानसिक कमजोरी आदि के लिए उत्तम औषधि है।
इसके सेवन से शुक्राणुओं की वृद्धि होती है एवं वीर्यदोष दूर होते हैं।
धातु की कमजोरी, स्वप्नदोष, पेशाब के साथ धातु जाना आदि विकारों में इसका प्रयोग बहुत ही लाभदायी है।
यह राज्यक्ष्मा(क्षयरोग) में भी लाभदायी है। इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है।
यह वातशामक तथा रसायन होने के कारण विस्मृति, यादशक्ति की कमी, उन्माद, मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) आदि मनोविकारों में भी लाभदायी है।
दूध के साथ सेवन करने से शरीर में लाल रक्तकणों की वृद्धि होती है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है, शरीर में शक्ति आती है व कांति बढ़ती है।
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सिद्ध कायाकल्प चुर्ण