Tuesday, 13 November 2018

सिद्ध गोखरू कल्पचुर्ण- नपुंसकता रोग में सिद्ध योग




गोखरू (Gokhru)– गोखरू का फल कांटेदार होता है और औषधि के रूप में काम आता है। 

बारिश के मौसम में यह हर जगह पर पाया जाता है।

                      गोखरू नुस्खा 1

 नपुंसकता रोग में गोखरू के लगभग 10 ग्राम बीजों के चूर्ण में इतने ही काले तिल मिलाकर 250 ग्राम दूध में डालकर आग पर पका लें। 

पकने पर इसके खीर की तरह गाढ़ा हो जाने पर इसमें 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए।

सुबह शाम 2 बार उपयोग करे
21 दिन लगातार उपयोग करे

1. इसका सेवन नियमित रूप से करने से नपुसंकता रोग में बहुत ही लाभ होता है।

2. शरीरक ,मानसिक और आत्मिक शक्ति का उदय होगा।




★★★

                      *गोखरू नुस्ख़ा 2*

गोखरू                         100 ग्राम
कौंचबीज काला               50 ग्राम
कीकर फल(बीज रहित)    50 ग्राम
सतावर                           50 ग्राम
तालमखाना                     50 ग्राम
अशगन्ध                         50 ग्राम
मिश्री।                          100 ग्राम

     सभी को चूर्ण बना कर बंद डिब्बे में रखे

सेवन विधि :-
                  1 चमच्च सुबह 1चमच्च रात को मीठे दूध से 30 दिन तक सेवन करे।

परहेज :-खट्टे पदार्थों से परहेज करें।

लाभ:- सेक्स कमजोरी, शीघ्रपतन, वीर्य का पतलापन, सेक्स की इच्छा की कमी, टाइम की कमी, तनाव की कमी और शरीरक कमजोरी में लाभदायक है।

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     सदा स्वस्थ रहे।
whats 94178 62263





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सिद्ध कायाकल्प चुर्ण