Sunday, 28 January 2018

सिद्ध बलवर्धक कायाकल्प योग~लंबाई और शरीरक विकास के लिए



लंबाई और मोटे होने की
रामबाण आयुर्वेदिक दवा

अश्वगंधा -250 ग्राम
सतावर -250 ग्राम
आवला-200  ग्राम
मिश्री -100 ग्राम
शंखपुष्पी-100 ग्राम
ब्राह्मी बुटी -100  ग्राम
तुलसी बीज -50 ग्राम
सालम मिश्री-50 ग्राम
सालम पंजा -5 0 ग्राम

काली मिर्च -20 ग्राम

सभी को मिलाकर किसी बंद डब्बे मे रखे ।

सेवन विधि -

इसे रात सोते समय रोज दो चम्मच गाय के दूध के साथ लें। इससे दुबले व्यक्ति भी मोटे हो जायेंगे।
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साथ मे यह जरूर करें।

रोजाना रात को सोने से पहले एक ग्लास पानी में सोयाबीन और चने (gram) को (जितना आप खा सके) उतने पानी में डालकर रात भर ऐसे ही छोड़ दें.

फिर सुबह उठकर सोयाबीन और चने को निकाल लें और दूसरे साफ़ पानी से धो कर खाये. इसके सिर्फ 30 दिन के प्रयोग से ही आपको बदलाव महसूस होने लगेगा यह शरीर का खून और मांस बढ़ता है.

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■कम कद वाले लोग लंम्बे हो सकते हैं।

■इससे नया खून भी बनना शुरू होता है।

■इस चूर्ण का सेवन करने से कमजोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है।

■जो जिम करते हैं उन के लिये रामबाण है यह योग।

■जिन को खाया पीया न लगता हो यह उस के बहुत अच्छा योग है।

■इस चूर्ण को लगातार 40 दिन तक लेते रहें।

नोट -

खनिज से भरपूर तत्वों का इस्तेमाल करें। यह पालक, हरी बीन्स, फलियां, ब्रोकोली, गोभी, कद्दू, गाजर, दाल, मूंगफली, केले, अंगूर और आड़ू में पाया जाता है।
 लंबाई बढ़ाने के लिए जिस विटामिन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है वह विटामिन डी। यह दाल, टोफू, मशरूम, गाय के दूध और दूध से बने पदार्थो से, सूर्य की किरणों से और बादाम आदि में पाया जाता है।

इस चूर्ण को शीतकाल में लेने से अधिक लाभ मिलता है।
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खूब पानी और दूध पियें।

नशे से दूर रहें :- शराब पीना और धूम्रपान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं। धूम्रपान या अल्कोहल लेने वाले व्यक्ति के विकास को और लम्बाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें।

फास्ट फूड या जंक फूड का सेवन न करें, खटाई न खाएं, ज्यादा मिर्च-मसाले से परहेज करें।

आजकल कोल्ड ड्रिंक्स पीना फैशन बन गया है, लेकिन यह सेहत के लिहाज से सही नहीं है। बर्गर, नूडल्स, पिज्जा खाने से भी हाइट नहीं बढ़ती। दूध, दही, पनीर, मक्खन, दालें खाने से हाइट बढ़ती है। प्रोटीन दूध, दही, अंडे में खूब होता है। विटामिन, मिनरल्स के लिए फल खाओ, जूस पियो और हरी सब्जी, दालें खाना मत भूलना।

इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीजें न खायें और जिन्हें आंव की शिकायत हो,तो यह दवा न ले  न लें।

यह योग आप online से भी मंगवा सकते है ।

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★पाचन शक्ति के लिए ★

सिद्घ आयुर्वेदिक

           भारतियों घरों का सुंदर नुस्खा
             ★पाचन शक्ति के लिए ★

100 ग्राम अजवायन
 सौंफ 100 ग्राम
बेल गुदा 100ग्राम
कलौंजी 50 ग्राम
सेंधानमक आधा चम्मच

 पीसकर चूर्ण बनाकर आधा-आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम पानी के साथ लेने से पाचनशक्ति बढ़ती है और अपच दूर होता है।


कभी गैस नही बनेगी।
न कभी जलन होगी।
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सिद्ध महाशक्ति योग- शुक्राणु विर्द्धि के लिए



           शुक्राणु की पुरुषों में कमी
     बच्चे न होने की एक पीड़ा यह भी है।

 ज्यादातर बच्चे के ना होने का कारण महिलाओं को ही ठहराया जाता है ।

लेकिन इसमें पुरूष भी कम नही है जब पुरूषों में शुक्राणु के बनने के लक्षण कम होते है तो उनमें नपुंसकता बढ़ने लगता है ।

 जिससे बच्चे के पैदा होने में
 दुविधा खड़ी हो जाती है

 सामान्य तौर पर एक स्वस्थ या हेल्दी पुरूष में 15 मिलियन शुक्राणु की कोशिकाओं का होना काफी आवश्यक होता है।

जिसमें स्वस्थ शुक्राणु के इन लक्षणों के अलावा रूप, संरचना और गतिशीलता का होना जरूरी माना जाता है।

और इसकी कमी ही अनहेल्दी शुक्राणु के लक्षणों का होना पाया जाता है। जिसमें मर्द में नपुंसकता और सेक्स करने के इच्छा में कमी होने लगती है और पूरी लाइफ पर इसका असर देखने को मिलता है।

यदि आप थोड़ी सी सतर्कता बरते तो आप अपनी जीवनशैली में कुछ सुधार लाकर शुक्राणु की गुणवत्ता और संख्या को बढ़ा सकते है।

★★★
                       शुक्राणुओं के बारे         
                   कुछ हैरान करने वाले सच

भारत के मर्दो के वीर्य में साल दर साल शुक्राणुओं की कमी देखी जा रही है।  भारत के मर्दो में अब पहले जैसी बात नही रही। शक्राणु के आकर और संरचना में गड़बड़ियां आ रही है। 1978 में एक सेहतमंद व्यक्ति के वीर्य में शुक्राणुओं की गिनती 6 करोड़ प्रति लीटर पाई जाती थी, 2012 में यह गिनती 6 करोड़ से 2 करोड़ हो गयी थी।

इन सालों में भारती मर्द बहुत कमजोर हुआ है।

कारण क्या है।

आयुर्वेद मान्यता है कि

■अवैध नशीली दवाओं का प्रयोग – कोकीन या गांजा जैसे नशीले पदार्थों के सेवन से आपके शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी आ सकती है।

■शराब का सेवन – शराब पीने से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है और शुक्राणु उत्पादन में कमी आ सकती है। (और पढ़ें – टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के घरेलू उपाय)

■धूम्रपान – अन्य व्यक्तियों की तुलना में धूम्रपान करने वाले पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है।

■तनाव – लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण शुक्राणु पैदा करने वाले कुछ आवश्यक हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं।

■वजन – मोटापे के कारण हार्मोन में बदलाव हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पुरुषों की प्रजनन क्षमता कमज़ोर हो सकती है।

★★★

फिर भी चिंता की बात है आयुर्वेद में हर रोग का इलाज  शर्तिया है।

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       ★शुक्राणुओं के लिए आयुर्वेदिक योग★

गिलोय चुर्ण 100 ग्राम
तुसली बीज 100 ग्राम
कौंच के बीज 100 ग्राम (छिलकारहित)
सफ़ेद मूसली 100ग्राम
सतावर 100 ग्राम
बाबुल फली 50 ग्राम
गोखरू 50 ग्राम
विदारीकंद 50 ग्राम
बरगद दूध 50 ग्राम
सालम पंजा 50 ग्राम
सालम मिश्री 50 ग्राम
आवला चुर्ण 50 ग्राम
कबाब (शीतल)चीनी 50 ग्राम
तालमखाना 20 ग्राम
शिलाजीत 50 ग्राम
हत्था जोरी 20 ग्राम
कतीरा गोंद 20 ग्राम
बबूल का गोंद 20 ग्राम
काले तिल।   20 ग्राम

सभी को चुर्ण को 200 ग्राम एलोवेरा रस में मिलाकर धुप में सुखाए।

 सुबह-शाम एक-एक चम्मच चूर्ण मीठे दूध के साथ 60 दिन तक सेवन करें और इसके बाद वीर्य की जाँच करवाकर देख लें कि शुक्राणुओं में क्या वृद्धि हुई है।

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भोजन में निम्न पदार्थों का सेवन शरीर में वीर्य Semen improving को बढ़ाता है:

★मिश्री मिला गाय का दूध
★ गाय का धारोष्ण दूध
★मक्खन, घी
★चावल व दूध की खीर
★ उड़द की दाल
★तुलसी के बीज
★बादाम का हलवा
★मीठा अनार
★प्याज, प्याज का रस घी-शहद के साथ
★ खजूर
★बादाम

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परहेज
1. तेल और तली चीजें, अधिक लाल मिर्च, मसालेदार पदार्थ, इमली, अमचूर, तेज खटाईयां व आचार।

2. प्रयोग काल में घी का उचित सेवन करना चाहिए।

3. पेट की शुध्दि पर भी ध्यान देना चाहिए। कब्ज नही होने देनी चाहिए। कब्ज अधिक रहता हो तो प्रयोग से पहले पेट को हल्के दस्तावर जैसे त्रिफला का चूर्ण एक चमच अथवा दो-तीन छोटी हरड़ का चूर्ण गर्म दूध या गर्म पानी के साथ, सोने से पहले अंतिम वास्तु के रूप में लें।

4. सेवन-काल में ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक है।

5. ओषधि सेवन के आगे-पीछे कम से कम दो घंटे कुछ न खाएं। खाली पेट सेवन से यह मतलब है।


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सावधानी-

इसका उपचार करते समय लगभग 4-5 दिन तक स्त्री के साथ संभोग नहीं करना चाहिए।

रात को सोते समय पानी में किशमिश के 6-7 दाने भिगोकर सुबह नाश्ते के समय पानी के साथ ही खा लें।

काले चनों का सूप बनाकर पिएं और उनको उबालकर खाना भी लाभकारी होता है।

अगर खाना चाहो तो बादाम की 8-10 गिरियों को भी खा सकते हैं।

मन को एकदम गलत विचारों से दूर रखें।

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कोई भी समस्या हो
Call नही sms करें।
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सिद्ध हड्डी गैप नाशक कल्पचुर्ण-हड्डियों की गैप की दवा घुटनों और रीढ़ के मनकों के गैप में कारगर।


    सिद्ध हड्डी गैप नाशक कल्पचुर्ण
    कीकर फली औऱ शिलाजीत युक्त

गठिया व जोड़ों के दर्द के अलावा हड्डियों के गैप और
अन्य बीमारियां कीकर फली और शिलाजीत युक्त घुटनों और रीढ़ के मनकों के गैप में  कारगर।

एक बार जरूर इस्तेमाल करे।

आज हम आपको इस बबूल (कीकर) की फली और शिलाजीत से दवा का एक ऐसा प्रयोग बताने जा रहें हैं जिससे अगर आपके घुटनों में दर्द है या इसको बदलने की भी नौबत आ चुकी है.

तो एक बार घुटनों को बदलवाने की बजाये इस प्रयोग को ज़रूर करें.
एक आयु के बाद शरीर के जोड़ों में लुब्रीकेन्टस एवं केल्शियम बनना कम हो जातां है.

जिससे कारण जोडो का दर्द, गैप, केल्शियम की कमी,वगैरा प्रोब्लेम्स सामने आती है।

जिसके चलते आधुनिक चिकित्सा आपको जोइन्ट रिप्लेस करने की सलाह देते है. तो यह प्रयोग आपको ऐसी नौबत से बचा सकता है।

               हड्डियों के गैप की दवा
       सिद्ध हड्डी गैप नाशक कल्पचुर्ण

                   आयुर्वेदि  नुस्खा
बाबुल की फली     250 ग्राम
बाबुल गोंद            100ग्राम
हरसिंगार फूल       100 ग्राम
मेथी दाना (भुना)   100 ग्राम
अजवाइन               100 ग्राम
हल्दी                     100 ग्राम
गिलोय चुर्ण            100 ग्राम
चरायता                  100 ग्राम
सतावर चुर्ण            100 ग्राम
दालचीनी                100 ग्राम
काली जीरी             50 ग्राम
शिलाजीत              10 ग्राम
200 ग्राम एलोवेरा रस में भावना दे।

अब आइये जाने इसके सेवन की विधि.
सुबह 1 चम्मच गुनगुने पानी से खाने के एक घंटे के बाद ले। दिन में 3 बार दवा ले।

2-3 महीने लगातार सेवन करने से आपके घुटने का दर्द बिल्कुल सही हो सकता है।और आपको घुटने बदलने की नौबत नहीं आएगी.

रीढ़ की हड्डी का गैप में यह  दूध के साथ सेवन करे।
हम हमेशा आपके लिए नयी नयी जानकारी ले कर आते हैं. तांकि आपका स्वास्थ्य बना रहे. और आप दवाओं के नाम पर होने वाले धोखे से बचे रहें.
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साथ मे यह जरूर  करे -:

दिन 2 बार 3 लीटर पानी में 200 ग्राम नमक 200 ग्राम सरसों का तेल डालकर गरम कर लें। फिर उस पानी में कपड़ा भिगोकर लगभग 10 मिनट तक नित्य सेंकाई करें।
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78890 53063

सिद्ध वीर्यवर्धक कल्पचुर्ण- और मर्द दोनों की हर कमज़ोरी दूर करता है


            बलवर्धक और वीर्यवर्धक
                        चुर्ण

           महिलाओं और मर्द दोनों
        की हर कमज़ोरी दूर करता है।

आँवला चुर्ण       200 ग्राम
बरगद फल        100 ग्राम (चुर्ण)
तुलसीबीज        100 ग्राम
बाबुल फली       100 ग्राम (बीज रहित)
कौंचबीज काला  50 ग्राम
तालमखाना        50 ग्राम
कंदबीज             25 ग्राम
बरगद दूध(सुखा) 25 ग्राम

सभी को मिलाए।

   ★यह 650 ग्राम चुर्ण बन जाएगा।★

  ◆यह 60 दिन के करीब दवा बनेगी।◆

रोजाना 5 -5 ग्राम 3 बार हल्के ठंडे दूध के साथ सेवन करे।

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यह चुर्ण मर्द और महिलाओं के लिए शक्तिवर्धक है

यह महिलाओं के भी रामबाण योग है।
महिलाओं की हर कमजोरी और सफेद पानी की समस्या को ठीक करता है।


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शक्तिवर्धक, वीर्यवर्धक, स्नायु व मांसपेशियों को ताकत देने वाला एवं कद बढ़ाने वाला एक पौष्टिक रसायन है।

 यह धातु की कमजोरी, शारीरिक-मानसिक कमजोरी आदि के लिए उत्तम औषधि है।

इसके सेवन से शुक्राणुओं की वृद्धि होती है एवं वीर्यदोष दूर होते हैं।

धातु की कमजोरी, स्वप्नदोष, पेशाब के साथ धातु जाना आदि विकारों में इसका प्रयोग बहुत ही लाभदायी है।

 यह राज्यक्ष्मा(क्षयरोग) में भी लाभदायी है। इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है।

यह वातशामक तथा रसायन होने के कारण विस्मृति, यादशक्ति की कमी, उन्माद, मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) आदि मनोविकारों में भी लाभदायी है।

दूध के साथ सेवन करने से शरीर में लाल रक्तकणों की वृद्धि होती है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है, शरीर में शक्ति आती है व कांति बढ़ती है।

Online आप मंगवा सकते हैं।
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सिद्ध कायाकल्प चुर्ण