Friday, 27 April 2018

सिद्ध शीतल चुर्ण-शरीर की हर गर्मी को करे शांत


गर्मी में अयुर्वेदिक तोहफा पेट की गर्मी के लिए आयुर्वेदिक चुर्ण

                     सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण
        21 जड़ी बूटी का महत्वपूर्ण मिश्रण
लाभ :-                      
★दिमाग को रखे ठंडा , बच्चों और बजुर्गों के गर्मी की राहत के लिए वरदान है ।

★गर्भवती महिलाओं और  पेट पल रहे बचें के लिए   सिद्ध शीतल चुर्ण गर्मी में रामबाण है।

★ पैरों से सेक निकलता है तो यह चुर्ण ले।
★ मुह में और सांस नली में छाले (जब खाना खाते जलन होती ) हो तो सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण कारगर साबित होता है।

★ दफ्तरों और कम्यूटर पे काम करने वाले यह चुर्ण जरूरत इस्तेमाल करे।
            घर मे आसानी से बना सकते हैं आप
              इसका कोई साइड इफेक्ट्स नही है।
       21 जड़ी बूटी का महत्वपूर्ण मिश्रण।

     सिद्ध शीतल चुर्ण
कौंचबीज बीज काला 100 ग्राम
त्रिफला             100 ग्राम
सफेद चंदन       100 ग्राम
ब्रह्मबुटी            100 ग्राम
खसखस सफेद  100ग्राम
संखपुष्पी          100ग्राम
सौंफ़                 100 ग्राम
आवला चुर्ण       100  ग्राम
तुलसी बीज        100  ग्राम
बादाम गिरी        100 ग्राम
मुलेठी का चूर्ण    100 ग्राम
मिश्री                 100 ग्राम
जीरा                    50 ग्राम
छोटी इलाची         50 ग्राम
पुदीना सत             5 ग्राम
निम्बू सत।             5 ग्राम


5 और महत्वपूर्ण जड़ी बूटी 
  वैद की देखरेख में तैयार करे
      सभी को मिलाकर चुर्ण बना ले।

और चार गोंद 200 ग्राम काढ़े  में भावना दे और सायं में सुखाए।


सेवन विधि
           दिन में 3 बार 3 से 5 ग्राम
        बच्चों को 2 ग्राम
निम्बू पानी, छाछ, मठा पानी(दही पानी),नारियल पानी,
बेल शर्बत के साथ ले।
फायदे जाने
पेट में तेजाब बनना, पेट मे गैस, कब्ज, एसिडिटी, आंतों, मसाने की गर्मी होना या लिवर की गर्मी और सूजन होना।
पेट में गर्मी होने पर पेट में जलन, मरोड़, दर्द और ठीक से पेट साफ़ ना होना जैसे लक्षण दिखने लगते है।
इन सभी को   सिद्ध शीतल चुर्ण फायदा करेगा।
★★★
●सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण फायदे●
~~~~~~~~~~~~
_यह उत्तम शीतल गुणों से युक्त होती है |
_पेशाब में धातु जाना,
_पेशाब में जलन,
_पेशाब में इन्फेक्शन एवं
_महिलाओं के श्वेत प्रदर जैसे रोगों में लाभदायक औषधि साबित होती है |
_सिद्ध शीतल कल्पचुर्ण  में एंटीबैक्टीरियल गुण होते है जो इसे और अधिक उपयोगी औषधि बनाते है |
_यह शरीर में जलन,
_उष्णता एवं पत्थरी के निर्माण को रोकने का कार्य करती है |
_अश्मरी रोग एवं हृदय की कमजोरी में भी यह लाभदायक परिणाम देती है |
★★★
पेट की गर्मी के कारण
ज्यादा मसालेदार खाना
शाम होने के बाद ज्यादा खाना खाने से
दर्द दूर करने वाली दवा का जादा सेवन करना
पेट में तेजाब (एसिडिटी) बनने के कारण
धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करना
★★★
पेट में गर्मी के लक्षण
पेट में जलन होना
सीने में जलन महसूस होना
मुंह और गले में छाले पड़ना
गले मे छाले।
शरीर पर छोटे छोटे लाल रंग के दाने निकलना
   पेट की गर्मी का इलाज और घरेलू उपाय
1. अरहर की दाल बारीक पीस कर इसे पीने से पेट के दर्द में आराम मिलता है और साथ ही इस उपाय से पेट की गर्मी दूर होती है।
2. एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर इस पानी से गरारे करे। इस घरेलू नुस्खे को करने पर पेट की गर्मी से राहत मिलती है।
3. पेट की गर्मी दूर करने के उपाय में थोड़ा काला नमक और निम्बू पानी मे मिला कर पिए। इससे पेट के रोग दूर होते है व पेट की अन्य समस्या से बचाव में मदद मिलती है।
4. लिवर की गर्मी होना पीलिया होने का प्रमुख कारण है, ऐसे में छाछ, नारियल पानी और गन्ने का जूस रामबाण इलाज है।
5. पेट की बीमारी ठीक करने व इससे बचने के लिए नीम काफी उपयोगी है। शरीर की गर्मी कम करने के लिए प्रतिदिन नीम का दातुन करना चाहिए।
6. पेट की गर्मी कैसे दूर करे में नींबू का रस गुनगुने पानी में मिला कर पिने से तुरंत आराम मिलने लगता है।
7. नारियल पानी हर रोज पीने से भी पेट की गर्मी से छुटकारा मिलता है।
8. गले की सूजन व पेट की गर्मी कम करने में गुड़ का पानी पीने से आराम मिलता है।
9. बबूल की छाल पीस कर इसे पानी में उबाल कर इससे कुल्ला करे। Baba ramdev के देसी नुस्खे से पेट की गर्मी के लक्षण कम होने लगते है।
10. शरीर की गर्मी कम करने और इससे बचने के लिए ठंडी चीज़ो का सेवन अधिक करे जैसे नारियल का पानी, शरबत, नींबू पानी और छाछ। शहद के सेवन से भी शरीर में ठंडक आती है।
पेट की गर्मी दूर करने के लिए क्या खाएं
◘  पेट की बीमारी का उपचार करने मे लस्सी और दही के सेवन करने से काफी आराम मिलता है। पेट की गर्मी को कम करने में भी लस्सी और दही फायदेमंद है। आप इन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते है।
◘  पेपेट में गर्मी का इलाज करने के लिए हफ्ते मे 2 – 3 बार चने की दाल और दही का सेवन करे।
◘  पेथोड़ी सी चीनी और घी चावल मे मिला कर खाने से भी pet ki garmi कम करने में मदद मिलती है।

           निःशुक्ल आयुर्वेदिक सलाह ले
                     94178 62263


सिद्ध कायाकल्प चुर्ण