Friday, 4 May 2018

सिद्ध कंठ कल्पचुर्ण-गले की हर समस्या में कारगर


         सिद्ध कंठ कल्पचुर्ण

       गले की आवाज बैठ जाएं तो गले सूजन हो तो

मलाठी चुर्ण       100 ग्राम
ब्राह्मी                100 ग्राम
सोंठ भुनी           50 ग्राम
कालीमिर्च          50 ग्राम
छोटी इलाची      50 ग्राम
आवला चुर्ण       50 ग्राम
चरायता             50 ग्राम
गिलोय चुर्ण        50 ग्राम
लौंग                  10 ग्राम
हींग                   10 ग्राम
सुहागे की खील  10 ग्राम
काला नमक       10 ग्राम


चुर्ण बना कर 2 ग्राम चुर्ण एक चम्मच शुद्ध शहद से दिन में 3 से 4 बार ले।


            *क्यों बैठता है गला संपूर्ण जानकारी ले*

        अस्पष्ट आवाज (खराब आवाज), कर्कश स्वर (भारी आवाज) को स्वरभंग या गला बैठना कहते हैं। ठंड लगने या ठंड शरीर में बैठ जाने से आवाज अटकने से होता है। ज्यादा जोर से बोलने या ज्यादा देर तक लगातार बोलने या गाने से भी यह रोग हो जाता है।


गला बैठना या आवाज (स्वर) खराब होने का कारण है गुस्से में अधिक जोर से चिल्लाकर बोलना। ऊंची आवाज से पढ़ने या गाने से गला बैठ जाता है। गले में लकड़ी आदि की चोट के कारण एवं विष या विषयुक्त पदार्थों का सेवन कर लेने से भी गला बैठ जाता है।

आवाज का बैठ जाना कोई रोग नहीं होता है परन्तु यह रोग द्वारा उत्पन्न हो सकता है जैसे : गले में कैंसर, हिस्टीरिया और पक्षाघात (लकवा) आदि।

             *गले बैठने के 6 प्रकार होते है*

           यह रोग 6 प्रकार से उत्पन्न होता है :

 1. वातज 2. पित्तज 3. कफज 4. त्रिदोषज 5. क्षयज 6. मेदज।
कारण :

खट्टा, चटपटा या ज्यादा मसालेदार चीजें खाने से गला बैठ सकता है। यह चीजें हमारी आवाज को खराब कर देती हैं।

 स्वर-यंत्र में सूजन आने से, जोर-जोर से बोलने से, अधिक खांसी और गले में जख्म आदि कारणों से भी आवाज बैठ जाती है जिसमें रोगी को बोलते समय गले में जलन सी महसूस होती है। गले में कफ (बलगम) रुक जाता है।

शरीर में कमजोरी, खून की कमी, वीर्य आदि के कम हो जाने के कारण भी गले की आवाज खराब हो जाती है।
संपर्क सूत्र -78890 53063

सिद्ध कायाकल्प चुर्ण