Thursday, 8 November 2018

सिद्ध शक्तियोग कल्पचुर्ण -शारीरिक हार्मोन असंतुलन की कारगर आयुर्वेदिक औषधि*




  40 साल के महिला और पुरूष यह जानकारी जरूर पढ़ें आप के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है।

      सिद्ध शक्तियोग कल्पचुर्ण संपूर्ण योग

अश्वगान्ध          200 ग्राम
कौंचबीज बीज  100 ग्राम
बेल चुर्ण           100 ग्राम
आवला चुर्ण     100  ग्राम
तुलसी बीज     100  ग्राम
कीकर फली     100  ग्राम
सतावरी           100  ग्राम
सफेद मूसली    100  ग्राम
गिलोय              50 ग्राम
बड़ दूध             50 ग्राम
मुलहठी            50 ग्राम
चरायता            50 ग्राम
हल्दी                50 ग्राम
सोंठ                 50 ग्राम
काली मिर्च       50 ग्राम
लोह भस्म        50 ग्राम
सौंफ                50 ग्राम
निर्गुन्डी            25 ग्राम
त्रिवृत               25 ग्राम
पिप्पली            25 ग्राम
लवंग                25 ग्राम
वच                   25 ग्राम
कुष्ठ                  25 ग्राम

*सभी को चुर्ण बनाए और 400 ग्राम गिलोय रस में भावना दे। फिर  धूप में सुखाकर औऱ सुबह शाम दूध के साथ ले।

यह आप खुद बना सकते हैं।
आप online भी मंगवा सकते हैं

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हार्मोन असुंतलन जानकारी
बहुत बार किशोरावस्था में हार्मोन असुंतलन हो जाते हैं।

नोजवान भी ध्यान दे।

किशोरावस्था में आने वाले बच्चे को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन सब महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक है हार्मोनल स्राव के कारण होने वाले शारीरिक परिवर्तन, जो कि एक बच्चे को यौवन में कदम रखने में मदद करते हैं। यह एक बहुत ही नाजुक अवधि होती है जहां वे वयस्क जैसा होने की आशा रखते हैं, जबकि उनका शरीर और मन अब भी पर्याप्त परिपक्व नहीं हुआ होता है। उनका व्यवहार और मूड हर मिनट बदलता रहता है और उनके व्यवहार के लिए होर्मोन्स को दोषी माना जाता है।

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क्या होता है जब हार्मोन्स( शरीरक बदलाव)
असुंतलन होते हैं

बिना कारण के मूड बदलना,लड़कियों में अनियमित पीरियड,अचानक वजन बढ़ना,लड़कों में स्तन विकास
,लगातार सिरदर्द,डिप्रेशन,जी मिचलाना,मुँहासे,साइनस समस्याएं,पीठ दर्द,आक्रामकता,शरीर पर अत्यधिक बाल उगना,
इन दोषों पर माता पिता जरूर ध्यान दे।

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40 साल के ऊपर जब हार्मोन्स असुंतलन होते हैं तो ऐसे लक्षण पाए जाते हैं।


हार्मोन महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब हार्मोन के स्तर में अस्थिरता होती है, तो उसका सीधा प्रभाव पड़ता है जिससे मूड बदलता है ,डिप्रेशन हो सकता है और वह आपकी यौन इच्छा, ओवुलेशन और प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता  हैं।


कई बार शारीरिक हार्मोनल असंतुलन के कारण  कुछ हार्मोन का उत्पादन ज़्यादा या कम हो जाता है। अकसर  हम शरीर द्धारा भेजे संकेतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते है और इससे स्थिति बदतर हो जाती है।

इसलिए,हार्मोन असंतुलन का संकेत देने वाले कुछ सामान्य लक्षण जानना आवश्यक है, और अगर यह लक्षण कुछ दिनों में नहीं जाते तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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वजन बढ़ना :

पेट के निचले हिस्से में या जांघों में वजन बढ़ना यह संकेत देता है कि एड्रेनल ग्लैंड द्धारा कोर्टिसोल हार्मोन ज़्यादा स्रावित होने से इंसुलिन के स्तर (खून  से जारी होने वाला) में वृद्धि हो जाती है।  यह ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करता है और दिल से संबंधित बीमारियों को जन्म दे सकता है।
★★

बालों का झड़ना :

एक दिन में 100 से 200 से ज़्यादा बाल टूटना बहुत खतरनाक है। डीहैड्रो-टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन से अत्यधिक बाल टूटते है।

★★
गर्भावस्था के बाद नींद में गड़बड़ी होना :

नींद पूरी न होना एक बहुत ही आम समस्या है, लेकिन गर्भावस्था के बाद यह  महिलाओं में एक बड़ी संख्या में होती देखी जाती है । ऐसा प्रोजेस्टेरोन  ( एक हार्मोन जो आराम प्रदान करने वाले गुणों का है) में कमी होने के कारण होता है। गर्भावस्था के बाद  प्रोजेस्टेरोन में गिरावट होने से आप बेचैन महसूस कर सकती है और आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है।

★★
योनि में सूखापन:

रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) की शुरुआत के साथ, एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण योनि में सूखापन हो जाता है ।यह यौन गतिविधि को असहज या दर्दनाक कर सकता  हैं।
★★

डिप्रेशन:

क्या आपको बिना किसी कारण  उदास लगता है और वह भी बहुत बार? यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है। जब थायराइड हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है, तब यह होता है।

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पसीना:

अगर आप 40 से ऊपर हैं और बहुत पसीना आता है, तो खबरदार रहें। यह रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) की शुरुआत के कारण हो सकता है। एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करने वाले सेरोटोनिन हार्मोन के असंतुलन के कारण अत्यधिक पसीना आ सकता है।
★★

चीनी खाने की लालसा :

लगातार मीठा भोजन खाने की इच्छा होना हार्मोनल असंतुलन का संकेत है जिसके कारण थायराइड या मधुमेह हो सकता है।

★★

लगातार भूख लगना :

अगर आपको मुख्य भोजन लेने के बाद भी भूख लगती है, तो यह हार्मोन घ्रेलिन की वजह से हो सकता है (जो हमारी भूख के लिए जिम्मेदार है)।

ओक्सिनटोमोडयूलिन  और लेप्टिन जैसे  हार्मोन भूख को कम करते हैं । इन हार्मोन के असंतुलन से आपको हर समय भूख महसूस होती है।

★★

लगातार थकान होना :

क्या आप सुस्त  या हर समय नींद आना महसूस करते हैं? थकान कभी न जाने वाली लगती है ? थायराइड हार्मोन के कारण हाइपोथायरायडिज्म भी इसके पीछे कारण हो सकता है।

★★

गैस और सूजन:

ज़्यादातर हल्की गैस और सूजन जीवन शैली कारकों की वजह से होता हैं लेकिन अगर यह स्थिर है तो यह एक अंतर्निहित हार्मोनल स्थिति हो सकती है। जब एस्ट्रोजन का स्तर अनियमित होता हैं, तो शरीर अधिक तरल पदार्थ बनाए रखने के कारण फूला हुआ महसूस होता है।


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सिद्ध कायाकल्प चुर्ण