Friday, 1 February 2019

सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण



 शुगर रोग की देशी दवा सुलभ और सस्ती औषधि शुगर की आयुर्वेदिक दवा बनाने के लिए।
चूर्ण बनाने की विधि

त्रिफला चूर्ण-400 ग्राम
इन्द्रजो कडवा या
इन्द्रजो तल्ख़ 250 ग्राम
इंद्राण अजमायन-250 ग्राम
मेथी का दना - 200 ग्राम
कलौंजी 200 ग्राम
तेज पत्ता ------- 200 ग्राम
जामुन की गुठली -200 ग्राम
बेलपत्र के पत्ते - 200 ग्राम
गुडमार -130 ग्राम
नीम की गुठली  130 ग्राम
तुलसी की पत्तियाँ- 130 ग्राम
सदाबहार की पत्तियाँ -130 ग्राम
वंशलोचन -130 ग्राम
जायफल -50 ग्राम
जावित्री -50 ग्राम
चार गोंद -50 ग्राम
छोटी इलायची -20 ग्राम
*कालीमिर्च- 50
एलोवेरा रस 500 ग्राम
सभी चूर्ण को एलोवेरा रस में मिलाकर सांय में
सुखाए।
सेवन विधि - सुबह -शाम  3 से 5  ग्राम पानी से लेते रहे।

*खानपान में करें परहेज
-*अधिक चावल खानें से बचें। चीनी, आलू का सेवन कम करें। मीठे फलों से दूर रहें। मिठाई से बचें।
*गुड़, आम, इमली की खटाई, आलू, अरबी, बैंगन, शक्कर, सैक्रिन, सभी मीठे फ़ल, गाजर, कद्दू (पेठा), गेहूं, चावल, तले हुए भोजन, उड़द, मसूर दाल, मांस- मछली, अण्डा-मुर्गा, सभी मादक द्र्व्य, चाय, काफ़ी, तेज मिर्च,अश्लिल-उत्तेजक साहित्य, टीवी, फ़िल्में देखना,अधिक रात्रि तक जागना,औरत प्र्संग आदि से मधुमेही को अवश्य बचना चाहिए । अन्यथा लाभ नहीं होगा।

मधुमेह के रोगी इसका भी जरुर  करें सेवन
जौ का आटा 6 किलो में चने का बेसन 2 किलो मिला कर इसकी रोटी खायें।

यह चूर्ण शुगर की रामबाण दवाई का काम करेगा| सुबह खाली पेट एक चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ लें और ध्यान रखें कि नाश्ता करने के कम से कम एक घंटा पहले आपको यह चूर्ण लेना है। उसी प्रकार शाम को खाना खाने के एक घंटा पहले फिर से इस चूर्ण का एक चम्मच गर्म पानी के साथ लें।
यह दवा शुगर के रोग में दैवीय औषधि का काम करती है।

यह डायबिटीज की दवा  आप ऐसे इस्तेमाल करेगे तो हैरानीजनक लाभ होगा।
करेले के जूस – से
करेला शुगर के मरीजों को विशेष लाभ पहुंचाता है| सुबह खाली पेट एक गिलास करेले का जूस के साथ 1चमच्च मधुमेह चुर्ण सेवन करे।
और करेले की सब्जी का भी सेवन करें| करेले का जूस कड़वा लग रहा हो तो उसमें थोड़ी मात्रा में पानी मिला लीजिये|
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तुलसी के 5 पत्ते – मधुमेह कल्पचुर्ण के साथ मे सेवन
1चमच्च चुर्ण पानी ले फिर  5 पत्ते धीरे चबाएं।
तुलसी अनेक रोगों में काम आने वाला पौधा है| तुलसी के 5 पत्ते रोजाना सुबह खाली पेट चबाइए| इससे शुगर का बढ़ता लेवल खुद कम हो जायेगा| तुलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जो आपके पेट की क्रियाओं को सुगम बनाते हैं|
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मैथी के दाने साथ – सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण सेवन करे।रात को एक चम्मच मैथी के दाने एक गिलास पानी में डालकर रख दें|
सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट इस पानी से सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण सेवन करे।
मैथी के दाने आप पानी पीने के बाद चबा जाइये| मैथी बढ़ती शुगर को तुंरत कंट्रोल करती है|

ग्रीन टी – के साथ सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण सेवन करे।
कैसे बनाए ग्रीन टी:-
6 ग्लास पानी लेकर आग पर रख दे।
उसमे नीचे लिखी सामग्री डाले
★ गिलोय हरी 100 ग्राम
★मेथी दाना   1चमच्च
★चरायता 1 चमच्च
★अजवाइन 1चमच्च
★नीम पत्ती 10 पीस
★तुलसी पत्ते 50 पीस
★पपीता पत्ता 1पीस
सभी सामग्री को तब तक उबाले जब तक आधा न रह जाए। 3 ग्लास बाकी बची टी को:-
1चमच्च मधुमेह कल्पचुर्ण को
1 ग्लास सुबह
1 दुपहरी
1 शाम को ले।
आम की पत्तियां – के पानी से सेवन।

आम सबका पसंदीदा फल होता है लेकिन दुर्भग्यवश शुगर के रोगियों को आम का सेवन करने से बहुत नुकसान होता है लेकिन आम की पत्तियां शुगर के मर्ज में बहुत लाभ पहुंचाती हैं| आम की पत्तियों को रात को पानी में भिगोकर डाल दें| सुबह खाली पेट इस पानी के साथ सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण सेवन करें इससे शुगर कण्ट्रोल होती है|
★★★
एलोवेरा का जूस –के साथ सिद्ध  मधुमेह कल्पचुर्ण का सेवन:-
एलोवेरा के चमत्कारी गुणों के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे| रोजाना सुबह एक गिलास एलोवेरा का जूस के साथ सिद्ध मधुमेह कल्पचुर्ण सेवन करने से  शुगर का लेवल कण्ट्रोल होता है और यह लम्बे समय तक अच्छे परिणाम भी देता है।
नोट:-एलोवेरा जूस में थोड़ा करेले का जूस मिलाकर भी ले सकते हैं।
ज्वारे खायें – यह  मधुमेह में बहुत लाभदायक साबित हुआ है।
“ज्वारे” हो सकता है आपने यह नाम पहले ना सुना हो लेकिन ज्वारे को डायबिटीज की सबसे बेहतरीन औषधि माना जाता है| गेहूं के बीजों से जब छोटी पत्तियां निकलना शुरू होती हैं तो इसे “ज्वारे” कहा जाता है| घर पर ही मिटटी के बर्तन में कुछ गेहूं के बीज बो दें| इसमें समय से पानी वगैहरा डालते रहें| कुछ समय बाद जब गेहूं की पत्तिया निकलना शुरू हों तो इन पत्तियों को किसी कैंची से काट लें और इनका सेवन करें| शुगर में यह रामबाण दवा का काम करती है|
ध्यान रखें कि पत्तियों को उखाड़े नहीं क्यूंकि कुछ समय बाद फिर से पत्तियां आनी शुरू हो जाएँगी तब आप फिर से काटकर खाएं|
★★★
नित्य व्यायाम – अगर कर सको तो बहुत फायदेमंद साबित होगा।
मधुमेह की बीमारी ज्यादातर उन लोगों को होती है जो शारीरिक रूप से बिल्कुल निष्क्रिय रहते हैं| इसलिए शुगर के रोग में रोजाना सुबह व्यायाम बहुत जरुरी है| सुबह टहलने जरूर जाएँ और हो सके तो 10 से 15 मिनट की दौड़ भी लगाएं।
आपको साफ़-साफ बता दूँ कि कोई भी दवा आपको उतना लाभ नहीं पहुँचाएगी जितना सुबह का घूमना आपको लाभ पहुँचायेगा| इसलिए गर्मी, जाड़ा, बारिश कुछ भी हो लेकिन सुबह 30 मिनट टहलना ना भूलें।
योगा करें –
डायबिटीज के रोगियों के लिए कपालभाति सबसे लाभकारी योगा है।
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सिद्ध कायाकल्प चुर्ण